Railway Loco Pilot 2025: 10वीं के बाद ऐसे पाएं सरकारी नौकरी – सैलरी, योग्यता और आवेदन प्रक्रिया जानें

रेलवे ड्राइवर या लोको पायलट बनना एक आकर्षक करियर विकल्प है, जिसमें आपको भारतीय रेलवे के लिए ट्रेनों को सुरक्षित रूप से चलाने का अवसर मिलता है। यह एक जिम्मेदारी भरा पद है जिसमें आपको ट्रेन की सुरक्षा और समय पर चलने का ध्यान रखना होता है। यदि आप 10वीं के बाद इस करियर को चुनना चाहते हैं, तो आपको ITI या डिप्लोमा कोर्स करना होगा और फिर RRB ALP परीक्षा के लिए आवेदन करना होगा।

लोको पायलट बनने के लिए आपको रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित ALP (Assistant Loco Pilot) परीक्षा के लिए तैयारी करनी होगी। इस परीक्षा में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) और कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT) शामिल होते हैं। इसके अलावा, आपको दस्तावेज़ सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण भी पास करना होगा।

लोको पायलट बनने के लिए आपको 18 से 33 वर्ष की आयु सीमा के भीतर होना चाहिए और आपके पास मैट्रिकुलेशन (10वीं) के साथ ITI या डिप्लोमा होना आवश्यक है। यह एक सरकारी नौकरी है, जिसमें आपको नियमित वेतन और अन्य लाभ मिलते हैं।

Railway Locopilot 2025

विवरणविस्तार
पद का नामलोको पायलट (Assistant Loco Pilot)
आयु सीमा18 से 33 वर्ष
शैक्षिक योग्यतामैट्रिकुलेशन + ITI/डिप्लोमा
चयन प्रक्रियाCBT 1, CBT 2, CBAT, दस्तावेज़ सत्यापन
वेतन19,900 रुपये प्रति माह (प्रारंभिक)
कार्य का स्थानभारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में
कार्य की जिम्मेदारीट्रेन को सुरक्षित रूप से चलाना

पात्रता मानदंड

लोको पायलट बनने के लिए आपको निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा:

  • आयु सीमा: आपकी आयु 18 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों के लिए आयु में छूट दी जाती है।
  • शैक्षिक योग्यता: आपके पास मैट्रिकुलेशन (10वीं) के साथ ITI या डिप्लोमा होना चाहिए।
  • फिजिकल फिटनेस: आपको शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए और रेलवे के मेडिकल स्टैंडर्ड को पूरा करना होगा।

चयन प्रक्रिया

लोको पायलट बनने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों को पूरा करना होगा:

  1. CBT 1 (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट): यह पहला चरण है जिसमें आपको गणित, विज्ञान, और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देना होता है।
  2. CBT 2 (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट): यह दूसरा चरण है जिसमें तकनीकी विषयों पर आधारित प्रश्न होते हैं।
  3. CBAT (कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट): यह परीक्षण आपकी मानसिक क्षमता और संवेदनशीलता का मूल्यांकन करता है।
  4. दस्तावेज़ सत्यापन: सभी चरणों को पास करने के बाद, आपको अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।
  5. चिकित्सा परीक्षण: अंतिम चरण में आपका चिकित्सा परीक्षण होता है जो आपकी शारीरिक फिटनेस की जांच करता है।

प्रशिक्षण और नौकरी की जिम्मेदारी

लोको पायलट बनने के बाद, आपको प्रशिक्षण दिया जाता है जिसमें आपको इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। आपकी जिम्मेदारी होती है ट्रेन को सुरक्षित और समय पर चलाना। इसके अलावा, आपको ट्रेन की तकनीकी समस्याओं का समाधान करना भी सीखना होता है।

लाभ और वेतन

लोको पायलट के रूप में आपको नियमित वेतन और अन्य लाभ मिलते हैं। आपका प्रारंभिक वेतन 19,900 रुपये प्रति माह होता है, जो अनुभव के साथ बढ़ता है। इसके अलावा, आपको भविष्य निधि, चिकित्सा सुविधाएं, और यात्रा भत्ता जैसे अन्य लाभ भी मिलते हैं।

निष्कर्ष

लोको पायलट बनना एक सम्मानजनक और जिम्मेदारी भरा करियर है। यदि आप 10वीं के बाद इस करियर को चुनना चाहते हैं, तो आपको ITI या डिप्लोमा कोर्स करने के बाद RRB ALP परीक्षा के लिए तैयारी करनी होगी। इस प्रक्रिया में आपको कई चरणों से गुजरना होगा, लेकिन इसके बाद आपको एक सुरक्षित और सम्मानित नौकरी मिलती है।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए है। लोको पायलट बनने की प्रक्रिया वास्तविक है और रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित की जाती है। इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए आपको RRB की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।

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